दोस्तों तो प्यार क्या है अगर आप प्यार में पड़ गए तो क्या होगा? हम आपको प्यार के बारे में यह सब बताने जा रहे हैं। प्यार के बिना हर किसी का जीवन दुखी और बेकार है।

चाहे प्यार लड़के और लड़की के बीच हो या परिवार का प्यार या पति-पत्नी के बीच प्यार हमेशा जीतता हैं।





हालांकि, ज्यादातर लोग इस बात से सहमत हैं। कि प्यार की भावनाएं प्यार से बहुत प्रभावित होती हैं। इसके सटीक परिभाषा के बारे में कई मतभेद हैं।

और एक व्यक्ति के “आई लव यू” का अर्थ दूसरे से भिन्न है। लेकिन आज हम आपको love क्यों होता है, सच्चा प्यार क्या है ? की पूरी परिभाषा बताने जा रहे हैं।

प्यार क्या है ?

दोस्तों प्यार वह चीज है जो हमें जीवन जीने में सहारा देता है। यह अमृत का घूंट है जिसे अगर पी लिया जाए तो आत्मा अमर हो जाती है और अगर नहीं मिली तो जीवन नरक बन जाता है। व्यक्ति के पास कितना भी धन-दौलत और ऐशो-आराम हो।

लेकिन अगर उसके जीवन में प्यार नहीं है,तो वह कभी खुश नहीं होगा। प्यार लोगों के सोचने और संसार को देखने के तरीके को बदल देता है। प्रेम में वह शक्ति है जो लोगों के बीच की दूरी को समाप्त करती है।

जब प्यार किसी के जीवन में दस्तक देता है, तो वह व्यक्ति पूरी तरह से बदल जाता है। एक व्यक्ति विनम्र, कोमल, भावुक और प्यार में संवेदनशील हो जाता है।

प्रेम सबसे बड़े तानाशाह को पूरी तरह से बदल देता है कोई भी सिर्फ प्यार के सामने नहीं चलता है। प्यार जबरदस्ती नहीं किया जाता है।

यह सिर्फ अपने आप होता है, जो हमें बाद में पता चलता है। प्यार केवल दिल की आवाज सुनता है, दिल की धड़कन महसूस करता है। प्यार न केवल दुनिया में सबसे ज्यादा है।

बल्कि भगवान की उच्चतम दर पर भी है। इसमें वह शक्ति है जिसके साथ एक व्यक्ति दुनिया द्वारा किए गए।

सभी प्रतिबंधों को तोड़कर अपने प्यार के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकता है। प्यार दो आत्माओं के बीच का एक रिश्ता है जो एक ऐसी अहसास के साथ पकड़ा जाता है जिसे न केवल दिल के भीतर बल्कि उनके शरीर के भीतर भी महसूस किया जाता है।

कैसे जाने कि आपको प्यार हो गया है?

दोस्तों जब आप किसी से प्यार करते हैं, तो आप केवल उसी के बारे में सोचना शुरू करते हैं, जब आप किसी के साथ प्यार में होते हैं।

तो कई अन्य संकेत भी होते हैं, जैसे, हर पल आपके विचारों में समान रहता है।

आप उसकी गलती को भी भूल जाते हैं या आप उसकी गलतियों को प्यार करते हैं। आप उसकी अनुपस्थिति में अकेला महसूस करते हैं! जब वह दर्द होता है, तो आपको दर्द भी होता है।

कई बार आप लोगों के सामने बच्चों जैसी गतिविधियाँ करने लगते हैं। आपको उसका पसंदीदा गाना याद आता है! आप चाह कर भी झूठ नहीं बोल पा रहे हैं! आप को खुश देख कर खुशी हुई!

अगर यह समाधान आपके साथ चल रहा है, तो समझ लें कि आपको किसी से प्यार हो गया है! अब आप प्यार में पड़ गए हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि आकर्षण (अस्थायी प्रेम) प्यार क्या होता है और सच्चा प्यार क्या होता है?

प्यार का Formula :

प्यार= इश्क=मोहब्बत=प्रेम=स्नेह=मोह= अविरक्ती=भक्ति=प्रीति=ममता=चाहत= दुलार=रति = लगन = क्षोह= दिलचस्पी =परिवार

प्यार कभी भी सोच समझकर नहीं होता वो तो बस हो जाता है। 
यह एक सुंदर एहसास है...
एक नज़र का प्यार है जो जीवन के बाद भी शायद गुम ना हो, तुम्हारी खुशी देखकर खुश होना प्यार है,
बेख्याली में भी सिर्फ तुम्हारा ख्याल रहता है ये है प्यार,
तुम्हारे बारे में सोच कर मुस्कुराते रहना प्यार है,
तुम्हारा इंतजार करना प्यार है,
तुम्हारे लिए जीवन सज्जनता से भर गया ये प्यार है,
तुम्हारी आज्ञा का पालन करना है प्यार,
तुम्हारे प्रति जिम्मेदार बनना प्यार है,
सिर्फ तुम्हारी आवाज ही सुनने का मन करे ये प्यार है,
तुम्हे ही जीवन का आधार मान लेना प्यार है,
अपने ह्रदय में जो तुम्हारी फोटो है उसे निहारना प्यार है,
तुम्हारे द्वारा किसी और का नाम सुनकर ईर्ष्या करना भी प्यार ही है
हो सकता है ईर्ष्या ग़लत हो पर है वो तो है ही सही क्या करें ?
तुम्हारे बिना जीवन बेकार लगे ये प्यार है,
तुमसे चैट करते समय बार बार कुछ लिखकर फिर मिटा देना की कुछ ग़लत तो नहीं लिख दिया ये प्यार है,
तुमसे चैट करते समय दिल चाहता है कि ये बातें कभी खत्म ना हो ये प्यार है,
चाह कर भी कई बार तुम्हारी पोस्ट पर कमेंट ना करना की कोई तुम पर विपत्ति ना आए ये है प्यार,
तुम्हारे सिवाय किसी और का ख्याल नहीं आया आज तक ये है प्यार,
हर रास्ता तुम्हारे ओर खुले मन यही चाहता है ये है प्यार,
तुम्हारे लिए मेरा दुखी होना प्यार है,
मन में तुम्हारे लिए मेरा डर प्यार है,
जी चाहता है पूरी सिटी तुम्हारे फोटो से सजा दूं ये है प्यार,
कोई गाना सुनते समय तुम्हारे लिए रो देना प्यार है,
तुम्हारे लिए अनुशासित रहने की कोशिश करना प्यार है,
स्कूल खत्म होने के बाद फिर से नए स्कूल को हमेशा बंक कर देना प्यार है,
तुमसे बिना किसी मतलब है इसलिए प्यार है,
प्यार उन्ही से हो जाता है जिनका मिलना किस्मत में नहीं होता
इसलिए प्यार है ,

तुम जब 65 की हो जाओगी तब भी मेरे लिए उतनी हो प्यारी रहोगी जितना अभी हो मतलब ये की मेरे मरने के बाद ही तुमसे प्यार को कम किया जा सकेगा ये है प्यार,

दिल को तलाश केवल सुकून की होती है रिश्तों का नाम चाहे कुछ भी हो तुमसे मुझे सुकून मिलता है इसलिए है प्यार,

मेरी मां से मन ही में ये प्रार्थना करता हूं कि इस जन्म ना सही पर पर अगले जन्म में मुझे तुम्हारा प्यार मिले ये है प्यार,

तुम जब साथ होती थी तो सबकुछ( कुछ भी ) अच्छा लगता था ,अब कुछ भी अच्छा नहीं लगता ये प्यार है,

तुम्हारे लिए मेसेज खोजना भी प्यार है,

तुमसे कभी ये नहीं पूछा की क्या मेरी सच्ची दोस्त हो ? पर में कहता हूं मै तुम्हारा सच्चा दोस्त हूं ये प्यार है,

तुम पर कोई विपत्ति ना नाए ये प्रार्थना है पर यदि कोई मुसीबत तुम पर आए तुम एक बार मुझे बता के देखना तुम्हारे भाई बन्धु रिश्तेदारों से भी पहले तुम्हारी सहायता को आऊंगा ये है प्यार,

मन ही मन तुम्हारे साथ किसी संत की तरह निभाने का वादा किया है ये है प्यार,

किसी भी बहाने से तुम्हारी गली से गुजरने की कोशिश प्यार है,

तुम्हारा इतना सख्त होना की कहना मुझे आगे से कोई मेसेज नहीं करना इसके पीछे कोई सवाल नही पूछना ये कहना इसलिए है प्यार

न बोलूँ , न लिखूँ तो ये मत समझना कि भूल गए हम

खामोशियों ने भी कुछ जिम्मेदारी ले रखी है तुम्हारे लिए इसलिए है प्यार

हम प्यार की जगह, आपकी पूजा कर बैठे ये है प्यार,

तुम मुझे पराया मानती हो ये जानते हुए भी तुमसे मेरा लगाव कभी काम नहीं होगा मै ये जानता हूं या है प्यार,

मेरी हर नादानी बस तुम तक ही है या है प्यार,

मै कोई फिल्म देखूं और तुम्हारे लिए मै भी ये सब कर सकता हूं मेरा ये सोचना है प्यार ,

मन में चलता ही रहता है तुम कैसी होगी, तुम्हे क्या पसंद है क्या नहीं आजतक यही पूछने की हिम्मत नहीं कर पाए ये है प्यार…

सच्चा प्यार जानने का सही तरीका है: 

दोस्तों जब आप खुद से प्यार करना जानते हो और आपको जो अच्छा लगता हैं आप जिस Freedom से जीते हो Same प्यार Same freedom आप अपने Partner को भी देते हो। ये सबसे Important love factor हैं जब आप प्यार करते हो अपने Partner से, पर उस पर अधिकार नहीं होना चाहिए। आपके Partner का भी Personal opinion, Priority होता हैं। उनका भी हक़ हैं, वो भी अपने Life को सही तरीके से जी सके ना की आपके तरीके से जैसा आप चाहते हैं। आप किसी किसको को Control नहीं कर सकते हैं Emotionally या Physically, आप उनके कदम को कुछ अच्छा करने के लिए रूक भी नहीं सकते हैं। मतलब Simple है “आप ऐसा कोई काम नहीं करेगे जिससे आपको ही Hurt हो” आप उसके Bad time और Good time दोनों में साथ रहेंगे हैं।

कैसा भी Situation हो पर आप अपने Partner की Care करेंगे अगर वो Sad हैं तो आप भी Sad feel करेंगे और आप उनका हर दिन यादगार बनायेंगे।
आपने partner की बात सुनना चाहिए, समझना चाहिए, और उनका Respect करना चाहिए आपको अपने Partnar पर Fully trust होना चाहिए बिना किसी डर के बिना किसी Doubt के।
आपके Relationship में Patience होना जरुरी हैं आपको खुद पर Control होना भी चाहिए, बिना एक-दूसरे से daily बात किये हुए, बिना उनसे मिले हुए एक Understanding होना चाहिए।
आपके प्यार में कोई Demanding नहीं होना चाहिए, कि वो भी मेरे लिए कुछ करे ये उनको बताने की जरूरत नहीं हैं उनको ये खुद Realize होना चाहिए।
आप अपने पार्टनर से जो भी Commitment (वादा) करते है, वो पूरा करे उनका Step आपको दिखना चाहिए।


दोस्तों सच्चा प्यार कभी भी,किसी से भी,किसी भी अवस्था में हो सकता है।सच्चा प्यार एक तरफ़ा भी हो सकता है इसलिए ये ज़रूरी नही के इसके कोई संकेत भी हो या इसका कोई प्रमाण भी हो।सच्चे प्यार में अधिकार,अपेक्षा,उम्मीद,इच्छा,चाहत का कोई स्थान नहीं।सच्चा प्यार बिलकुल आज़ाद होता है।इसमें कोई बंधन नही,कोई दिखावा नहीं,कोई छलकपट या जबर्दस्ती नहीं। किसी तरह का कोई लेन देन नहीं,लोक लाज का कोई भय नहीं।सच्चा प्यार वक़्ती नहीं बल्कि सजीवी होता है।सच्चे प्यार में भौतिक वस्तुओं का कोई मोल नहीं।ये अंदरूनी होता है,आत्मा की गहराई तक।सच्चा प्यार जरुरी नहीं के सिर्फ इंसानो से ही हो सकता है या जिस्मानी हो।ये जानवरों,परिंदों,प्रकृति और ईश्वर से भी हो सकता है।एक सच्चा प्रेमी अपने प्यार के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।इसका एक दिलचस्प उधाहरण मैंने अभी एक पिक्चर में देखा।Maanjhi..The Mountain Man..हम लोग पौराणिक कथाओं पर तो शक कर सकते हैं।पर इस पर तो नहीं ना।एक इंसान ने सच्चे प्यार की खातिर अनहोनी को होनी कर दिखाया।सच्चा प्यार भूख प्यास,दुःख दर्द,अमीरी गरीबी,हैसियत,रंग,जाती,भाषा,इज़्ज़त,बदनामी,स्वास्थ्य,पैसा,उम्र,समाज,दुनिया से परे होता है।पर दुखद बात ये है कि इसका अनुभव,और प्रमाण आसानी से नही होता ना मिलता।ये एक ऐसी अवस्था है जिसे कोई विरला ही पा सकता है या महसूस कर सकता है।और सुखद बात ये है कि इसको साबित करना भी ज़रूरी नहीं।


दोस्तों जहाँ तक मैं जानता हूँ ....प्यार जानबूझकर नहीं किया जाता यह तो बस हो जाता है..मैं कभी भी गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की थ्योरी से सहमत नहीं हूँ ..प्यार वह होता है जिस के साथ आप पूरी ज़िंदगी बिताने को तैयार हो वो कैसा भी हो उसके साथ रहने का वादा कर सके ..

अक्सर लोग बॉयफ्रेंड -गर्लफ्रेंड बनाते है और दो चार साल या उस से कम समय में छोड़ देते है...

इसलिए प्यार वह है जिसके साथ आपकी फ्रीक्वेंसी मैच कर जाये और आप अपना पूरा जीवन उसके साथ बिताने को तैयार हो..

प्यार एक लगाव भी है...आप उस व्यक्ति से हमेशा जुड़े रहते है ..

प्यार का एक सच्चा उदहारण है प्यार जो परिवार में होता है...माँ बेटे के बीच.. पिता-बेटे के बीच ..भाई -बहन के बीच ..भाई भाई के बीच ...

मेरे अनुसार तो यही है बस प्यार..

आप किसी सुंदर फूल को देखकर आकर्षित होते है, और क्युकि वो आपको इतना पसंद है की आप उसके बिना नही रह सकते तो आप उसको तोड़ कर अपने घर ले आते है और उसको सजावटी गमले में रख लेते है और निहारते रहते है परंतु कुछ समय बाद वो फूल मुरझा जाता है। यहाँ आपको उस फूल से आकर्षण मात्र था कोई प्यार नही।

अब अगर उसी फूल से आपको प्यार होता तो आप उस फूल को देखते और उसको टूटने से बचाने के लिए कोई प्रबंध करते तथा वो फूल आपको पसंद है, तो आप चाहते की और लोग भी उस फूल को देख सके, उसकी तारीफ कर सके। इसलिए आप पौधे को रोज़ पानी देते और जितना हो सके उसकी देखभाल करते और उसको कभी इसलिए नही तोड़ते की वो आपको बहुत पसंद है या आप उसके बिना नही रह सकते।

प्यार सर्वप्रथम तुम्हारी अपनी आन्तरिक स्थिति है, जिसमें न ही कोई विवाद है, न ही कोई हिंसा है, बस एक हल्का-सा आनन्द है, और जब तुम आनन्दित होते हो, तो ये तुम्हारे चारों ओर सब तक पहुँचता है, ये सब तक पहुँचना ही प्यार कहलाता है।

इसलिए जरूरी है कि जीवन में दूसरों की ओर देखना बंद करो, कि मेरी जिंदगी में प्यार नहीं है, कहीं और से मिल जाए, कि कोई आएगा और मेरे जीवन के सूनेपन को भर देगा।

ऐसा कभी नहीं होगा!

प्यार तुम्हारी आन्तरिक पूर्णता है, इसका किसी दूसरे व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है।

दोस्तों सच्चा प्यार अपने-आप से शुरू होता है। आप किसी और लिए कुछ करे लेकिन करने के बाद आप ये उम्मीद न करे की वो आपके लिए भी वैसा ही करे वही सच्चा प्यार है, अक्सर आज कल Competition में ही हम एक दूसरे को खो देते है।

प्यार कोई खेल नहीं है, जिससे हम हार और जीत के लिए खेलते है। ये बस जिंदगी का एक हिस्सा है और जरूरी भी है।

दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि यह article आपको पसंद आया होगा , please कमेंट के द्वारा feedback जरूर दे। आपके किसी भी प्रश्न एवं सुझाओं का स्वागत है , अगर आप मेरे आर्टिकल को पसन्द करते है तो जरूर Follow करे ताकि आपको तुरंत मेरे आर्टिकल आपको मिल जाए। 

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