दोस्तों जीवन में अक्सर हम सुबह से शाम तक धन कमाने के लिए इधर से उधर भागते रहते हैं। धन भले ही हमारे जीवन के सुख का आधार नहीं हो सकता है। 

दोस्तों "मैं पैसा हूँ ??? इसकी सच्चाई बताने की कोशिश कर रहा हूँ। इसे ध्यान से पढ़े और अपनी जिंदगी में इसका इस्तेमाल सही ढंग से करें। 

Welcome to मैं पैसा हूँ


दोस्तों जीवन में अब तो जिसके पास बहुत पैसा है और उसका अच्छा  Look ( दिखावा ), Good Position ( नौकरी में ) है तो अब उसकी ही इज्जत होती है ना की अच्छे इंसान के स्वाभाव की।  


Welcome to मैं पैसा हूँ



 
दोस्तों जिसके पास जितना पैसा-रुपया होता है, लोग उन्ही की इज्जत करते है, और जिनके पास  पैसा -रुपया नहीं है उनकी इज्जत कही नहीं होती है, उनको केवल दुःख ही मिलता है।  हमेशा वो दुःख के दलदल में रहते है कि कब वो किस समय समस्या में आ जाए।  

उदाहरण: अगर दो लोग किसी के घर गए, एक फोर व्हीलर (Four Wheeler) से पहुंचा, और दूसरा 

Two Wheeler से, अब यहाँ पर केवल Four Wheeler वाले इंसान की ज्यादा लोग इज्जत करेंगे क्यूंकि वो Four Wheeler से आया है और Two Wheeler की इज्जत कम करेंगे क्योकि वो Two Wheeler से आया है। लोगो को यह नहीं पता है जो Two Wheeler से आया है वो Four Wheeler से बहुत अमीर है। 

दोस्तों समझ गए अब कि पैसा एक अजीब व्यापार है।  जिन लोगो के पास यह नहीं है वो पूरी दृढ़ता से इसे पाने के लिए लगे हुए है, और जिनके पास यह वह मुसीबतों से भरे हुए है। 


दोस्तों आपके पास पैसा है…
तो लोग पूछते है… कैसा हैं?
पागल हैं ये दीवाने…ये जानते ही नही,
सारी बुराईयों की जड़ ये पैसा हैं,
रूपया कितना भी गिर जाएँ,
इतना कभी नही गिर पायेगा,
जितना रूपये के लिए
इंसान गिर चुका हैं…
दोस्तों जब व्यक्ति के जेब में पैसा होता हैं,
और जब उसके पास पैसा नही होता,
तो आप और दुनिया भूल जाती हैं कि वह कौन हैं…
दौलत और जवानी,इक दिन खो जाती है

पैसो का महत्व:

खाली जेब दुनिया का असली चेहरा हमारे सामने ला देती है। तब कौन अपना है कौन बेगाना है , पता  है। यदि आप अमीर होने की अनुभूति चाहते हैं तो उन चीजों पर विचार करें जो जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता है। दोस्तों जब आपको पैसा ज्यादा मिल जाता है तब वो आपको बिगाड़ देता है, कुछ लोगो के अंदर घमंड आ जाता है। 

किसी भी व्यक्ति का खर्च हमेशा उसकी कमाई से कम ही रहना चाहिए। इसके लिए फिजूलखर्ची पर लगाम लगानी होगी। उसे अपनी जरूरतों और ख्वाहिशों में अंतर समझना चाहिए।   

मनी – मनी के चक्कर में घनचक्कर जिंदगानी।

ईश्वर को चढ़ावे का खोज डाला विज्ञान।।
पंडित काजी बोले माफ़ करो भक्त है नादान।
इसके सहारे चल रही हमारी भी है दूकान।।
चल रही दुकान कुछ ना कुछ है चढ़ाता।
ज्यादा पाकर भी दुःखी कम से भी परेशान।।
कम से भी परेशान money की देखो महानता।


जब आपके पास पैसे हैं
सब पूछते हैं, आप कैसे हैं
जब आपके पास पैसे नहीं हैं
सब पूछते हैं, आप कौन  हैं?????
पैसो के कारण  सोच में परिवर्तन देखो
तुम्हारे अपने भी नहीं पहचानते, ज़रा दर्पण देखो
लगता है पैसो से जीवन है
महिमा है, मोहब्बत है, जन्नत है
पास पैसे ना हो तो जीवन
जहन्नुम है, जिल्लत है, किल्लत है।


पेट की हो भूख या
ज़मीर की पुकार हो
सच की कराह या
झूठ की ललकार हो
हक की हो लड़ाई या
दंगों की दरकार हो
मौन की हो ज़रूरत या
चीख़ की चीत्कार हो
मिलेगा सब कुछ यहाँ
जब पैसे की झंकार हो
रहने के लिए पैसा, खाने के लिए पैसा
जीने के लिए पैसा, मरने के लिए पैसा
मान है पैसा, सम्मान है पैसा
जान है पैसा, पहचान है पैसा
खुदा की खुदाई,भगवान है पैसा
इन्सान की जरूरत, ईमान है पैसा
धर्म, कर्म, जीवन का सार है पैसा
रिश्तों की बुनियाद, घरबार है पैसा
लोगों की जिन्दगी है, संसार है पैसा
हर एक जिन्दगी का आधार है पैसा
मौज है मस्ती है, झनकार है पैसा
भीख मांगते बच्चों की करूण पुकार है पैसा
स्वर है,गीत है, संगीत है पैसा
संस्कार, परम्परा, रीत है पैसा
हमदम है हमसफर है, मीत है पैसा
बच्चा है, बुढ़ापा है जवानी है पैसा
गरीबी की मार, अमीरी की निशानी है पैसा

दोस्तों अमीर होना बड़ी बात नहीं है जवानी में अमीर होना बहुत बड़ी बात है। कहीं ऐसा न हो पैसे कमाते कमाते तुम सुकून गवाँ दो, जान गवाँ दो। पैसों से सब कुछ खरीद लो, पर कभी माँ बाप और अपना बचपन मत बेचना मेरे प्यारे दोस्तों।

दोस्तों पैसे से आप आरामदायक जिन्दगी जी सकते हैं क्योंकि पैसा सब कुछ है अच्छी जिंदगी जीने के लिए ,लोग पैसे कमाने के लिए भटक रहे है। अपना घर छोड़ के परिवार वालो से अलग होकर परदेश चले जाते है और जिंदगी भर हाय पैसा-हाय पैसा करते रहते हैं।

दोस्तों उम्मीद करता हूँ कि यह article आपको पसंद आया होगा , please कमेंट के द्वारा feedback जरूर दे। आपके किसी भी प्रश्न एवं सुझाओं का स्वागत है , अगर आप मेरे आर्टिकल को पसन्द करते है तो जरूर Follow करे ताकि आपको तुरंत मेरे आर्टिकल आपको मिल जाए। 


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